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Fri. Feb 23rd, 2024


सेबी अपडेट: शेयर बाजार के रेगुलेटर आईडियाज रिजल्ट बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने कहा है कि तीन ऐसे मर्चेंट बैंकरों के खिलाफ जांच कर रही है जो आई शेयर बाजार के दौरान सब्स शेयर के डेटा को बढ़ाए गए चाडकर वो दिखा रहे हैं। सेबी ने मर्चेंट बैंकर्स के खिलाफ ऐसी कार्रवाई भी विश्वसनीय बताई है।

इन्वेस्टमेंट बैंकर्स की लॉबी मधाबी (एआईबीआई) की रिसर्च कॉन्फ्रेंस में सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने इस बात का खुलासा करते हुए कहा कि रेगुलेटर इस बात की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा, सेबी को ऐसे मामलों की जानकारी मिल गई है जहां कुछ दोषपूर्ण लोगों के स्वामित्व (खच्चर खाते) का नियंत्रण अपने हाथों में लेकर शेयर बाजार में कारोबार किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार का व्यापार करने वाले वे लोग हैं, जो नहीं चाहते हैं वे अपना पता लगाकर व्यापार करते हैं।

माधबी पुरी बुच ने कहा, आई सैनिकों में अधिकतर सब्स लेवल का इंप्रेशन देखने के लिए अधिक संख्या में सब्स वॉलिट्स की प्रवृत्ति नजर आती है। उन्होंने बताया कि सेबी के पास इस बारे में दस्तावेज साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने कहा, हम ऐसी गतिविधयों को देख रहे हैं। जिसमें मर्चेंट बैंक शामिल पाए गए हैं। बार-बार ऐसी गड़बड़ियों का नाम सामने आता है। हमारे साथ-साथ एंटरटेनमेंट एक्शन बोथ में नीति की समीक्षा शुरू करने की आवश्यकता होगी। हालांकि सेबी चीफ ने इसमें ट्राई मर्चेंट बैंक के नाम का खुलासा नहीं किया है।

माधबी पुरी बुच का बयान तब आया है जब हाल के दिनों में आई लीज लेकर आने वाली संस्था के सब्स रैंकिंग में एलेमिक उछाल देखने को मिला है। भारी भारकम सब्स क्रीअल वाले आई जीपी के स्टॉक मूल्यांकन पर शानदार प्रदर्शन भी देखने को मिला है। एसएमई कंपनी से जुड़े आई एसएलआर को लेकर सेबी चेयरपर्सन ने कहा, दोनों के बोर्ड अलग-अलग हैं। स्ट्रेंथ इनवेस्टर्स को ये शेयरधारकों का नामांकन है कि मेन्यूबोर्ड में शामिल उद्यमियों में से कई मायनों में एसएमई कंपनी से अलग हैं। अपॉइंटमेंट, कम्प्लॉयन्स और इंस्टिट्यूट की दुकानें भी अलग-अलग होती हैं, जिससे जोखिम बढ़ता है।

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