Breaking
Sat. Feb 24th, 2024


जीएसटी ई-बिल: केंद्र सरकार अगले दो से तीन साल में सिनेमाघरों में बड़े बदलाव करने वाली है। सभी बिजनेस के लिए ‘बिजनेस टूर कस्टमर’ (बी2सी) ट्रांजेक्शन के लिए अगले दो से तीन साल में ई-बिल यानि इलेक्ट्रॉनिक बिल जरूरी हो जाएगा। पांच करोड़ या इससे अधिक के टर्नओवर वाले बिजनेस के लिए ई-बिल अनिवार्य है, मगर अब सरकार ने बदलाव करके इसे लागू करने की तैयारी में सभी बिजनेस को शामिल कर लिया है।

सिस्टम में होंगे बड़े बदलाव

सरकार इंस्टीट्यूट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सीबीआईसी सेंट्रल सेंट्रल कर एंड बॉर्डर बोर्ड चार्ज मेंबर्स के फोरम शशांक प्रिया ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बिजनेस टू कंज्यूमर ट्रांजैक्शन को ई-बिल में लाने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। इसके लिए काम चल रहा है और सिस्टम को जल्द ही तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हम यह देख रहे हैं कि यह नियम किस क्षेत्र में सबसे पहले लागू हो सकता है। इसके साथ ही ऐसे कई बिजनेस लॉन्च किए जा रहे हैं जो 5 से 10 करोड़ रुपए का बिजनेस कर चुके हैं फिर भी ई-वॉइस जेनरेट नहीं कर रहे हैं। ऐसे में विभाग की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई और नामांकन की तैयारी है।

धीरे-धीरे ई-बिल के सेगमेंट को धीमा किया जा रहा है

वैलिडिटी है कि डिजिटल बिजनेस की ई-बिल के बिजनेस को सरकार धीरे-धीरे बढ़ा रही है। 1 अक्टूबर 2020 से 500 करोड़ से अधिक के टर्नओवर वाले बिजनेस के लिए ई-बिल अनिवार्य कर दिया गया। वहीं 1 जनवरी, 2021 को 100 करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर वाले बिजनेस के लिए ई-बिल के फॉर्मूले में लाया गया है। 1 अप्रैल 2021 से 50 करोड़ और 1 अप्रैल 2022 से 20 करोड़ के बिजनेस के लिए ई-बिल अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं 1 अक्टूबर 2022 से 10 करोड़ और 1 अगस्त 2023 से 5 करोड़ के बिजनेस के लिए ई-बिल जेनरेट करना जरूरी हो गया है। ऐसे में 5 या उससे अधिक टर्नओवर वाले बिजनेस ऐसे करने में असफल रहते हैं तो उन पर व्यवसाय विभाग कार्रवाई करना चाहता है।

ये भी पढ़ें-

नोट गिनते-गिनते मशीन बनी नोट, आयकर के मुआवज़े में इतनी भारी नकदी मिली

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *