Breaking
Sun. Jun 23rd, 2024

[ad_1]

म्यूचुअल फंड्स: भारत के टॉप-10 फंडों में फ्रैंचाइज़ी फंडों की हिस्सेदारी लगातार कम हो रही है। स्टॉक में स्टॉक के बाद भी इन स्टॉक फंडों के पास कुल एसेट अंडर मैग्नेटोरियम (एयूएम) में एक हिस्सा बड़ा है, मगर पिछले कुछ समय में इसमें कमी आई है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार पिछले छह वर्षों के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। वित्त वर्ष 2023-24 में तीसरी तिमाही का औसत एयूएम दस लाख करोड़ रुपये का 38.80 लाख करोड़ रुपये था, जो कुल एयूएम 49.20 लाख करोड़ रुपये का 79 प्रतिशत हिस्सा है। ऐसे में वित्त वर्ष 2019-20 के बाद बड़े पैमाने पर फंड हाउस की संपत्ति के तहत शेयर बाजार में कमी आई है। कुछ साल पहले तक बड़े फंड हाउस में 84 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी थी, जो पिछले कुछ वर्षों में लगातार घटी है।

घटती रही शेयर क्यों?

एयूएम में बड़े फ़्रांसीसी बैंक की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही कुल एयूएम में डेट फंडों की राजधानी बेंगलुरुशिप भी इसके प्रमुख नामों में से एक है। इस रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि देश में एक्टिव डेट फंड में बिग फंड हाउस की एक बड़ी दुकान है। एक्टिविस्ट इक्विटीज एयूएम बड़ी 10 म्यूचुअल फंड कंपनियों की 70 फीसदी हिस्सेदारी में है।

कोरोना महामारी के बाद देश में सक्रिय इंकलाबी स्टॉक्स में डेट फंडों की कुल एयूएम में गैंग दर्ज की गई है। फरवरी 2020 में एक्टिव इक्विटी इक्विटीज में 28 फीसदी हिस्सेदारी थी, जो अब 41 फीसदी हो गई है। एसोसिएशन ऑफ फंड्स फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के अनुसार, एक्टिव डेट फंड्स के समर्थकों ने 45 प्रतिशत से कम का लक्ष्य केवल 28 प्रतिशत रखा है।

वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में रिजर्व फंडों की औसत एयूएम में 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह उछाल 49.30 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। ये आंकड़े इसलिए भी खस्ता हैं क्योंकि लगातार छठी तिमाही में भी औसत एयूएम में बढ़त दर्ज की गई है। इस रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि बड़ी संख्या में लोग संस्थागत निवेश आवेदन के माध्यम से छात्रवृत्ति फंड में निवेश करना पसंद कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें-

लग्जरी हाउसिंग: विला का मालिक बनना चाहते हैं लोग

[ad_2]

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *