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भारत में बुध: हर साल देश में करोड़ों शादियाँ होती हैं। इस समय भारत में वेडिंग सीजन चल रहा है। इसमें करोड़ों करोड़ का बिजनेस होने की उम्मीद है. मगर, म्यूजिकल स्पीकर के साथ भारतीय जोड़ों के बीच विदेश में डेस्टिनेशन वेकेशन का क्रेज बढ़ा है। ऐसे में ‘मेक इन इंडिया’ के प्रोमोशन में मोदी ने ‘वेड इन इंडिया’ को बढ़ावा देने की बात कही है। उन्होंने लोगों से आर्टिस्ट के बजाय भारत में ही शादी करने को कहा है, जिससे भारत का पैसा बाहर न जाए और लोकल बिजनेस को भी बढ़ावा मिले।

‘वेड इन इंडिया’ नारे का समर्थन करते हुए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कहा कि फिल्म में होने वाली कलाकारी से देश को दोहरा नुकसान होता है। एक तो भारतीय पैसा रेलवे में खर्च होता है और लोकल बिजनेस का भी नुकसान होता है। 26 नवंबर को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पहली बार ‘वेड इन इंडिया’ का नारा देते हुए देश में शादी के लिए लोगों को बधाई दी थी।

हर साल विदेश में गंतव्य अवकाश पर इतना खर्च कर रहे भारतीय

मीडिया सिद्धांत के अनुसार, हर साल 5,000 से अधिक भारतीय एडिक्टों में शादी होती है। इन्हें करीब 75,000 करोड़ से लेकर 1 लाख करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान है. ऐसे में अगर यह डेस्टिनेशन वेकेशन भारत की ही मशहूर जगह पर है तो इसी पैसे से देश में ही रहेंगे। इसके साथ ही स्थानीय स्थानीय लोगों को भी भारी लाभ होगा। CAIT ने भारत के गंतव्य वेडिंग सेंटर के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि किस देश में 100 से ज्यादा ऐसे पर्यटक और धार्मिक स्थान हैं। ये लोगों के बीच हैं मशहूर.

इनमें से उत्तर प्रदेश का वाराणसी, मथुरा, वृंदावन, आगरा, मध्य प्रदेश में ओरहा, कोलकाता, मस्ज़िद, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, राजस्थान का शोरूम, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर, गुजरात का अखाड़ा, सूरत, कृष्णा, द्वारका और दक्षिण भारत का रेजिडेंस, रेजिमॉन आदि फेमस डेस्टिनेशन वेडिंग सेंटर हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता आदि में भी डेस्टिनेशन वेडिंग की मांग है।

देश का सारांश वर्ग भारत के विकास में दे सकता है योगदान-CAIT

कैट ने देश के खजाने और अमीर वर्ग को भारत में ही शादियां करने के लिए प्रस्ताव देते हुए कहा कि देश में होने वाली परंपरा से लोग अपनी परंपरा से जुड़ेंगे। साथ ही वह इकोनोमी को भी बूस्ट में मदद करेंगे। भारत में पिछले कुछ सालों में कई ऐसे उद्योग विकसित हुए हैं, जो डेस्टिनेशन वेडिंग का पूरा कारोबार चल रहा है। यह कलाकार की प्रतिभा के हिसाब से शादी की पूरी तैयारी कर रहे हैं। इससे न सिर्फ लोगों का डेस्टिनेशन वेकेशन का सपना पूरा होता है बल्कि लोकल बिजनेस को भी बढ़ावा मिलता है। इसके साथ ही स्थिर और अस्थायी रूप से रोजगार को भी बढ़ावा देने में मदद मिलती है।

युवाओं को ‘वेड इन इंडिया यात्रा’ चलायें-पीएम मोदी

शुक्रवार को उत्तराखंड ग्लोबल इन इंडिया समित में हुई बातचीत में मोदी ने युवाओं से ‘वेड इन इंडिया मूवमेंट’ को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि मैं देश के अमीरों और अमीर लोगों से कहना चाहता हूं कि मैं चाहता हूं कि भगवान जो चाहते हैं उन्हें तोड़ दें। लोग भगवान के मंच के बजाय पोस्टर में शादी करते हैं। ऐसा करने से पहाड़ और उत्तराखंड जैसा देवभूमि में गियान डेस्टिनेशन वेकेशन।

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