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Wed. Apr 17th, 2024

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भारतीय उद्योग इन दिनों से बेहतर फॉर्म कर रही है। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने मूल्य वृद्धि दर का अनुमान भी हाल में शुरू कर दिया है। अब वर्ल्ड बैंक ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अपना सकारात्मक रुख जाहिर किया है। वर्ल्ड बैंक का मानना ​​है कि वैश्विक स्तर पर सुस्ती के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था पूर्वी एशिया में शानदार गति से आगे बढ़ने वाली है।

ऐसे में हो सकता है भारत का ग्रोथ रेट

भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 7 प्रतिशत के आस-पास रहने का अनुमान है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय इयासी शियाओ द्वारा जारी किए गए प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रह सकती है। यह रिज़र्व बैंक के अनुमान से बहुत अधिक है। रिजर्व बैंक ने पिछले महीने यानी दिसंबर 2023 में एमपीसी के बाद कहा था कि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत रह सकती है।

सबसे तेजी से बने रहेंगे भारत के सितारे

कंसोओ और रिज़र्व बैंक के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी भारत की आर्थिक वृद्धि की दर मजबूत रहने का आकलन कर रही हैं। चालू वित्त वर्ष में 7 प्रतिशत के आस-पास की विकास दर का मतलब यह है कि भारत अभी दुनिया भर में सबसे तेज गति से चलने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है। वर्ल्ड बैंक को भरोसा है कि आने वाले समय में ग्लोबल स्लोडाउन के बाद भी भारत का यह अनुमोदन बरकरार रहेगा।

आने वाले पुराने समय के लिए बिक्री दर का अनुमान

विश्व बैंक का अनुमान है कि वैश्विक वर्ष मंदी के बाद भी भारत की आर्थिक वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष 2024-25 में 6.4 प्रतिशत रह सकती है। इसका मतलब यह है कि ग्लोबल स्लोडाउन का भारत की बिकवाली दर पर असर तो होगा, लेकिन यह सीमित रहेगा। हालाँकि 6.4 प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर दुनिया की किसी भी अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में सबसे ऊपर बनी हुई है। वहीं विश्व बैंक का कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का अनुपात कुछ बड़ा 6.5 प्रतिशत रह सकता है।

इन फैक्टर्स से मिलने वाला है सपोर्ट

विश्व बैंक ने अपने ग्लोबल ग्लोबल रिसर्च इंस्पेक्टर्स की रिपोर्ट में कहा है कि आने वाले लोग एशिया में भारत में कुछ कम निवेश कर सकते हैं, लेकिन उसके बाद भी उनका निवेश मजबूत बना रहेगा। भारत में निवेश को सरकारी निवेश और बेहतरीन बैंकिंग सेक्टर सहित समर्थन की गारंटी है।

30 प्राचीन काल का सबसे ख़राब अर्ध दशक

चालू वित्त वर्ष का देखें तो विश्व बैंक का भारत की अर्थव्यवस्था के लिए ग्रोथ का अनुमान रिजर्व बैंक और शियाओ से काफी कम है। विश्व बैंक के चालू वित्त वर्ष के लिए रिजर्व बैंक के 7.3 प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर का अनुमान लगाया गया है। हालाँकि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भी 6.3 प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर सबसे अधिक है। वहीं विश्व बैंक ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए 2023 के 2.6 प्रतिशत के अनुमान की तुलना में 2024 में कम लक्ष्य 2.4 प्रतिशत के जोखिम की संभावना जताई है। विश्व बैंक ने इसे ग्लोबल इंडस्ट्री का पिछले 30 वर्षों के दौरान सबसे खराब आधा दशक माना है।

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