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Tue. Apr 16th, 2024


विप्रो ने साबुन ब्रांडों का अधिग्रहण किया: विप्रो कंजूमर केयर ने तीन साबुन ब्रांड का अधिग्रहण किया है। अब जो (Jo), डॉय (Doy) और बेक्टर शील्ड (Bacter Shield) कंपनी के पोर्टफोलियो में शामिल हो गए हैं। अजीम प्रेमजी (अजीम प्रेमजी) की नेतृत्व वाली कंपनी का यह इस साल तीसरा और कुल 15वां अधिग्रहण है। यह त्रि ब्रांड मुंबई की कंपनी वीवीएफ इंडिया (वीवीएफ इंडिया) के थे। कंपनी ने इस डील की घोषणा करते हुए कीमत का खुलासा नहीं किया।

210 करोड़ का बिजनेस किया

विप्रो इंडिया के चीफ एक्जीक्यूटिवा नीरज खत्री ने बताया कि अगले 4 महीने में यह डील पूरी हो जाएगी। इन त्रिस्तरीय पोर्टफोलियो ने पिछले वित्त वर्ष में 210 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। यह अगले तीन साल में धमाकेदार डबल हो सकता है। वीवीएफ़ को साबुन, साबुन, साबुन, साबुन, हाथ साबुन और लोशन मॉइस्चराइज़र बनाने के लिए जाना जाता है।

एक साल में कंपनी की तीसरी अधिप्राप्ति

यह पिछले 10 वर्षों में विप्रो का 15वाँ अधिग्रहण है। पिछले एक साल में कंपनी ने तीन अधिग्रहण किए हैं। कंपनी ने पिछले साल दिसंबर में केरल की स्टिरी, मसाला और रेडी टू कुक फ़ूड बनने वाली कंपनी निरापारा और ब्राह्मणों को खरीदा था। कंपनी ने बताया कि वह अब तक विभिन्न कंपनियों से 1 करोड़ डॉलर खर्च कर चुकी है। उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनी विप्रो का शंघाई सोप बाजार में 11 फीसदी है। कंपनी ने कहा कि ये तीनों ब्रांड अपने पोर्टफोलियो में शामिल होकर मजबूत होंगे। साथ ही प्रीमियम और सभी प्रीमियम श्रेणी में उसकी पकड़ मजबूत होगी।

अलग-अलग टुकड़ों के हैं त्रि-उत्पाद

उत्तर, पूर्व और पश्चिम भारत के लेखों में जो साबुन की अच्छी पकड़ है। डॉयचे को प्रीमियम वर्गीकरण में जाना जाता है। साथ ही बेक्टर शील्ड हैंडवाश और एंटीबैक्टीरिया घोल में अच्छा लग रहा है। यह त्रि ब्रांड भारत के अलावा नेपाल, भूटान, श्रीलंका और बांग्लादेश में शामिल हो जाएगा।

राजस्थान में मांग अभी भी मजबूत नहीं

खत्री ने बताया कि राजस्थान में अभी भी कोविड-19 की स्थिति की जानकारी नहीं मिल पाई है। हालाँकि हमसे उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष के अंत तक शहरी जापान में जोर पकड़ संस्था की मांग है। कंपनी के पोर्टफोलियो में संतूर, ग्लूकोविटा, चंद्रिका, उजा जैसे उत्पाद शामिल हैं। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 10 हजार करोड़ की बिक्री का आंकड़ा पार किया था।

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