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Tue. Apr 23rd, 2024

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आज के समय में लोग क्रांति में अस्थिरता के लिए बेरोजगारी भत्ता लेते रहते हैं। ये बेहद आम बात है, लेकिन फिर भी इसे लेकर अभी घमासान मच गया है. दिलचस्प बात यह है कि कर्मचारियों के जॉब स्विच को लेकर इस घमासान में कुछ दिग्गज उद्योगपति शामिल हैं। ताजा मामले में एक दिग्गज कंपनी ने दूसरी जगह नौकरी ज्वाइन करने वाले अपने एक पूर्व कर्मचारी से लाखों की ठगी भी कर ली है।

कर्मचारियों को लेकर हुई बढ़ोतरी

यह मामला सामने आया है देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी में से एक विप्रो के साथ। विप्रो के फॉर्मर चीफ़ नॉवेलियन ऑफ़िसर जतिन वोक ने कुछ समय पहले अपनी पुरानी नौकरी छोड़ दी। उनके बाद जतिन वोट एक और दिग्गज आईटी कंपनी कॉग्निजेंट के साथ जुड़ गए। इसे लेकर विप्रो और कॉग्निजेंट के बीच ठन गई। ख़बरों के मुताबिक, इस मामले में अब बिज़नेस की भी शुरुआत हो गई है.

विप्रो ने पूर्व कर्मचारी से की इतनी बड़ी रकम

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, विप्रो ने जॉब स्विच को लेकर एक अदालत में मुकदमा दायर किया है। विप्रो का आरोप है कि स्टॉक ने 12 महीने बाद कॉग्निजेंट जॉइन कर अपनी नौकरी छोड़ दी। इस तरह के दस्तावेज़ ने नॉन-कंपीट क्लॉज़ का उल्लंघन किया है। इस वजह से विप्रो ने 25.15 करोड़ रुपये के प्रॉडक्ट की डिमांड की है। विप्रो की डिक्री में पेट्रोल की तारीख 18 प्रतिशत तक की ब्याज दर भी शामिल है।

सितम्बर में विप्रो से रिजाइन किया गया था

साइट ने विप्रो के सीएफओ पद को सितंबर में रिजाइन किया था। वह 20 साल से ज्यादा समय से विप्रो के साथ जुड़े हुए थे. कुछ दिनों में विप्रो के कई शीर्ष एक्सक्यूटिव्स का रिजाइन हो गया है। वर्ग भी उनमें से एक है. विप्रो में पॉडकास्ट का लास्ट वर्कशॉप डे 30 नवंबर था। कॉर्पोरेट अपनी नई नौकरी में कॉग्निजेंट में फाइनेंस डिपार्टमेंट को लीड करने वाले हैं।

पहले इस बुजुर्ग स्टाफ ने जॉइन किया था कॉग्निजेंट

इससे पहले विप्रो के एक और वरिष्ठ पूर्व कर्मचारी ने कॉग्निजेंट को ज्वाइन किया था। विप्रो के पूर्व सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मोहम्मद हक इसी साल कॉग्निजेंट में गए हैं। वह विप्रो के अमेरिकी फ़्रॉम और मेडिकल कॉमर्स व्यवसाय के प्रमुख थे। अब उन्होंने सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर कॉग्निजेंट जॉइन कर लिया है। कॉग्निजेंट में उन्हें लाइफ साइंसेज़ का प्रमुख बनाया गया है। विप्रो मोहम्मद हक मामले में भी नॉन-कॉम्पिट क्लॉज को आधार बनाकर याचिका दायर की गई है। उस मामले में भी विप्रो का यही कहना है कि हक ने 12 महीने पहले ही नौकरी छोड़ने के बाद नई नौकरी ज्वाइन कर ली थी।

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