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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार: विदेशी मुद्रा भंडार चार महीने के लिए उपलब्ध है। 6 आतंकवादी डॉलर के साथ विदेशी मुद्रा भंडार 600 डॉलर के पार जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक एक दिसंबर, 2023 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा रिजर्व 6.10 डॉलर के साथ 604.04 डॉलर का उछाल आया। ये लगातार तीसरा हफ्ता फॉरेक्स रिज़र्व में गोट देखने को मिला है।

सॉफ्टवेयर सेक्टर के रेगुलेटर एचडीएफसी ने शुक्रवार को विदेशी मुद्रा भंडार का डेटा जारी किया है। आंकड़ों के अनुसार 1 दिसंबर तक विदेशी मुद्रा भंडार 604.04 बोलिव डॉलर पर रहा जो इससे पहले सप्ताह में 597.395 बोलिवर डॉलर पर था। विदेशी संपत्तियों में भी बड़ी उछाल देखने को मिली है। विदेशी मुद्रा संपत्ति 5.07 विदेशी डॉलर की बढ़त के साथ 533.61 विदेशी डॉलर बढ़ रही है।

आरबीआई के सोने का रिजर्व में इज़ाफ़ा हुआ है। आरबीआई का सोना आरक्षित 991 मिलियन डॉलर के साथ 47.32 डॉलर डॉलर रह रहा है। एस इंडस्ट्रीज में 32 मिलियन डॉलर का उछाल आ रहा है और ये 18.25 डॉलर का उछाल आ रहा है। जबकि अंतरराष्ट्रीय मॉनिटरी फंड में जमा रिजर्व 5 अरब डॉलर के साथ 4.85 डॉलर का उछाल है।

इससे पहले जारी किए गए सांख्यिकी सर्वेक्षण में कहा गया है कि गवर्नर जनरल शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बाहरी झटकों से उबरने में बड़ी भूमिका निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि हम अपने बाहरी फाइनेंसिंग प्लांट्स को पूरा करने में सफल होंगे। इससे पहले 8 दिसंबर को एक डॉलर के ग्रुप मुद्रासी मार्केट में 1 पैसे की गिरावट के साथ 83.38 रुपये की गिरावट हुई थी।

कच्चे तेल के भंडार में बड़ी गिरावट का भी विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी। सरकारी तेल निगम को कच्चे तेल के अवशेषों के लिए कम डॉलर की दरकार होगी जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। कच्चा तेल 75 डॉलर प्रति पाउंड के करीब गिर चुका है।

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