Breaking
Sat. Feb 24th, 2024


वर्षांत 2023: साल 2023 टैक्सपेयर्स के लिए बेहतर राहत मिल रही है। एक फरवरी 2023 को मोदी सरकार के 10वें पूर्ण बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री ने साल 2020 में नए इनकम टैक्स रिजीम को आकर्षक बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया। रिजीम के वित्त मंत्री के अधीन नए आयकर कर का खुलासा करते हुए कहा गया है कि जो पहले 5 लाख रुपये था, उस पर कर का भुगतान नहीं किया जाएगा।

नई टैक्स रिजीम को आकर्षण बनाया गया

नई निवेश कर व्यवस्था के तहत कर छूट की सीमा 7 लाख रुपये कर दी गयी है. 7 लाख रुपए तक की आय पर उन्हें एक रुपए का भी टैक्स नहीं देना होगा। नए टैक्स रिजिम में टैक्सपेयर्स को स्टैंडर्ड डि लाइक्स का भी लाभ का निर्णय लिया गया। बजट 2023 में वित्त मंत्री ने घोषणा की कि वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों को 50,000 रुपये का मानक लाभ दिया जाएगा। यानी अगर किसी की आय 7.50 लाख रुपये है तो उसे कोई टैक्स नहीं लगेगा. लेकिन जो टैक्सपेयर्स या पेंशनभोगी हैं उन्हें यह लाभ नहीं मिलेगा।

डी क्लास पेंशनभोगियों को बड़ा लाभ

मोदी सरकार की इस घोषणा का सबसे बड़ा लाभ वेतनभोगी वर्ग और पेंशनभोगियों को दिया गया है। बाद में वित्त मंत्री ने अपनी इस समीक्षा में सुधार करते हुए कहा कि सलाना 7.27 लाख रुपये का टैक्स शेयरहोल्डर्स को इनकम टैक्स नहीं चुकाना होगा. हालाँकि, प्रोटोकाल सर्वे टैक्सबेल इनकम 7.27 लाख रुपये से अधिक है, जिससे उन्हें 3 लाख रुपये से ऊपर की पूरी आय पर कर का भुगतान करना होगा।

7.27 लाख तक का आय पर टैक्स नहीं

नए निवेश कर रिजीम के तहत 3 लाख रुपए के आय कर पर छूट मिलती है। लेकिन 3 – 6 लाख रुपये तक की आय 5 प्रतिशत पर, 6 – 9 लाख रुपये तक की आय 10 प्रतिशत पर, 9 – 12 लाख रुपये तक की आय 15 प्रतिशत पर, 12-15 लाख रुपये तक की आय 20 प्रतिशत पर और 15 लाख रुपये से ऊपर आय पर 30 प्रतिशत कर भुगतान का प्रस्ताव दिया गया। लेकिन साल 2023-24 के दौरान उनका टैक्स टैक्स 7.27 लाख रुपये नहीं चुकाया जाएगा, अगर वे नया टैक्स रिजीम का चुनाव करते हैं। 25,000 रुपये जो टैक्स बन रहा है वह सरकारी रिबेट दे रही है।

AY25 में नए रिजीम के तहत ITR करना होगा नुकसान

नए टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट बनाया गया है. जिन अर्जियों को पुराने टैक्स रिजीम के तहत ही पुराने टैक्स रिजीम के तहत रिटर्न भरना होगा, उन्हें पुराने टैक्स रिजीम का चुनावी रिटर्न दाखिल करने में समय लगेगा। निबंधन वर्ष 2024-25 के तहत जब टैक्सपेयर्स रिटर्न भरेंगे तो उन्हें नया इनकम टैक्स रिजीम का चुनाव करना होगा।

ये भी पढ़ें

जीएसटी दरें: छात्रों के लिए एग्रीमेंट स्टेशनरी एटम्स पर सांख्यिकी रेटिंग का कोई प्रस्ताव नहीं है, सरकार ने संसद को बताया

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *