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Wed. Apr 17th, 2024

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एयर इंडिया एक्सप्रेस: टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइन एक बार फिर से चर्चा में है। एयरलाइन के ऑटोमोबाइल और केबिन क्रूबर्स का उद्घाटन- उद्घाटन किया गया है। इसकी शिकायत बैठक में कंपनी को श्रम मंत्रालय से कारण बताओ नोटिस मिला है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विमान के कई केबिन मेंबर्स रूम शेयरिंग की व्यवस्था से नाखुश हैं। उन्होंने अपनी याचिका दाखिल-खारिज से की थी. इसके बाद यह याचिका श्रम मंत्रालय की ओर से जारी की गई। अब मंत्रालय ने एयर इंडिया एक्सप्रेस को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। टाटा ग्रुप ने इस एयरलाइन का अधिग्रहण पिछले साल जनवरी में किया था। इसके बाद कंपनी ने कुछ नई मान्यताएं लागू कीं, जो अभी भी समझौते की प्रक्रिया में हैं।

लेबर लॉ के तहत चल रही है समझौता प्रक्रिया

इस नोटिस में आरोप लगाया गया है कि लेबर लॉ के तहत एग्रीमेंट प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में नौसेना कंपनी ने सेवा में बदलाव क्यों किए हैं. यह औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 33 का उल्लंघन है। इस धारा के तहत यदि किसी कंपनी में समझौता प्रक्रिया चल रही हो तो सेवा शेयरों में बदलाव नहीं किया जा सकता है।

पिछले महीने बिश्नोई ने पत्र लिखा था

पिछले महीने एयर इंडिया एक्सप्रेस एम्प्लाइज यूनियन (AIXEU) ने सिटीजन उडियन मिनिस्टर एलिज़ाबेथ को पत्र लिखकर अपनी घोषणा की थी। इसमें कई मुद्दे शामिल थे मैगल लेओवर के दौरान रूम शेयरिंग के निर्देशन में सीक्वल की प्रबल इच्छा थी। साथ ही कई अन्य सुविधाओं में कटौती को लेकर भी केबिन क्रू खफा है। पहले लेओवर के दौरान केबिन क्रू को फाइव या फोर स्टार होटल में कनेक्टिविटी की सुविधा दी गई थी। मगर, अब एक कमरे में दो लोगों की परस्पर विरोधी व्यवस्था दी गई है।

लाभ कमा रही है एयर इंडिया एक्सप्रेस

कंपनी के प्रवक्ता ने पिछले महीने बताया था कि AIX कनेक्टेड का एकीकरण एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ शुरू हो रहा है। इस समुदाय में थोड़ा सा बदलाव किया गया है। रूम शेयर करने के लिए कई एयरलाइंस अपनाती हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस रिवाइवल कमा रही है और मार्टएक्सकनेक्टेड (एयरएशिया इंडिया) में है। यह दोनों एलायअर्स ऑटोमोबाइल्स मर्जर की प्रक्रिया में हैं।

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