Breaking
Sat. May 18th, 2024

[ad_1]

अर्थव्यवस्था पर रघुराम राजन: भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। मगर, इसके सामने सबसे बड़ी चुनौती नई चुनौती पैदा होना है। इसके लिए देश को कौशल विकास पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। यह कहना है आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का। वह रोहित लांबा के साथ मिलकर लिखी गई अपनी किताब ‘ब्रेकिंग द मोल्ड: रीइमेजिनिंग इंडियाज डायरेक्ट फ्यूचर’ के बारे में बात कर रहे थे।

1.4 अरब लोगों की शक्ति भारत के पास है

राजन ने कहा कि भारत के पास 1.4 अरब लोगों की ताकत है। अब सवाल यह है कि इस शक्ति का उपयोग कितना मजबूत किया जाए। विकास के इस पथ पर खेती के लिए देश को नई उपज पैदा करना आवश्यक है। इसमें सबसे बड़ा रोल प्राइवेट सेक्टर का है। उन्होंने चिंता जताई कि कई राज्य शेयरधारक अपनी जमीन के लिए रिजर्वेशन कराने जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। इससे पता चलता है कि राज्य में अनाज पैदा होने में विफलता हो रही है। सभी के लिए उपलब्ध होना चाहिए।

पलायन ने हमें बहुत फ़ायदा उठाया

रघुराम राजन ने कहा कि अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने से काफी फ़ायदा होता है। यदि हम लोगों की प्राथमिक शिक्षा पर ध्यान दें और उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण दें तो अगले छह महीनों में ही कई प्रकार की उपज पैदा होगी। इसके लिए हमें 10 साल तक मासूम की कोई जरूरत नहीं है। यदि हम मानव संसाधन के विकास पर ध्यान देंगे तो वोट अपनी पैदाइश से लगाएंगे। हम कॉन्स्टैंट कंपनी से शिकायत कर रहे हैं कि वे अच्छे लोग नहीं मिल रहे हैं।

ध्यान

आरबीआई के पूर्व गवर्नर राजन ने कहा कि सरकार को सुधार के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। हम संवैधानिक अज़ाबों को सबसे बड़ी ताकतें देंगे, किला ही अधिक लाभ इकोनोमी को होगा। हमें गरीब एवं मध्यम वर्ग के हितों के लिए और अधिकतर योजनाएं बनाना चाहिए। भारत को मजबूत लोकतंत्र की आवश्यकता है।

डेटा क्यों इलेक्ट्रॉनिक नहीं कर रही सरकार

अनाज जो बढ़ रहा है, उसके खाते से अनगिनत गेहूं पैदा नहीं हो रहा है। भारत ने पिछले छह सामुद्रिकों से होटलों के दस्तावेज नहीं बनाये हैं। ऐसा शायद ही होता है कि बेहोशी गरीबी के आंकड़े सामने आ रहे थे। बेस्ट भी 2011 में हुई थी. उन्होंने कहा कि हम मैन्युफैक्चरिंग के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उन्हें दिए जाने वाली भारी मात्रा की मुखालफत करते हैं।

ये भी पढ़ें

डी क्लास को पसंद नहीं आ रहा नया टैक्स रिजीम, पुरुषों की ओर से महिलाओं की वित्तीय समझ अधिकतर-सर्वेक्षण

[ad_2]

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *