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बजट 2024: संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा और राष्ट्रपति अभिभाषण के साथ ही इसकी मंजूरी होगी। अगले दिन यानी एक फरवरी को अंतरिम बजट 2024 पेश किया जाएगा। हालाँकि इस बार सरकार के बजट में अधिकांश लोकलुभावन निर्णय नहीं लिया गया है। फिर भी कुछ सेक्टर्स के लिए इस बार बजट में राहतें और रियायतें लेकर आ सकते हैं। इस कड़ी में असंगठित सेक्टर के कर्मचारियों या श्रमिकों को भी मिल सकता है लाभ, जानिए क्या है…

पेंशन का संचयी आधार तो वास्तविक पेंशन

केंद्र सरकार इस समय अटल पेंशन योजना के तहत दी जाने वाली न्यूनतम पेंशन का आधार बढ़ा सकती है। अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक मजबूत पेंशन योजना है। बिजनेस स्टैंडर्ड में एक खबर के मुताबिक ये जानकारी मिली है। खबर के मुताबिक एक सरकारी अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर साफ किया है कि ‘या तो बजट 2024 में या इसके बाहर इसके लिए मिले प्रस्ताव पर फैसला लिया जा सकता है।’ यदि ऐसा होता है तो अटल पेंशन योजना के प्रतिभागियों को अधिकतम पेंशन मिल सकती है।

पीएफआरडीए ने सरकार को प्रस्ताव भेजा था

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड एसोसिएटेड एसोसिएट्स (पीएफआरडीए) ने सबसे पहले अटल पेंशन योजना के तहत दी जाने वाली पेंशन सीमा को बढ़ाने के लिए सरकार को लिखा था। इसमें कहा गया था कि एपीवाई के तहत होने वाली बैठक में अधिक से अधिक लोग इस पेंशन योजना के लिए सदस्यता कर सकते हैं।

अटल पेंशन योजना के धारक लगातार बढ़े हुए हैं

अगर अटल पेंशन के तहत पंजीकृत सब्सक्राइबर्स की संख्या देखें तो ये लगातार फायदेमंद है। पीएफ ड्राय से मिली जानकारी के मुताबिक ये सब्सक्राइबर्स 31 मार्च 2021 तक 28 मिलियन यानी 2.8 करोड़ थे जो 31 मार्च 2022 तक 3.62 करोड़ हो गए थे. इसके बाद साल 2023 31 मार्च तक ये उछाल 4.59 करोड़ और 6 जनवरी 2024 तक ये 5.3 करोड़ हो गया है. इस बात का प्रमाण है कि अटल पेंशन योजना के धारकों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और ये तेजी से बढ़ सकती है, अगर सरकार की ओर से पेंशन की सीमा बढ़ाई जाए तो।

क्या है अटल पेंशन योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह योजना साल 2015 में लागू हुई थी। इस योजना के तहत आपको 60 साल की उम्र के बाद 1000 से 5000 रुपये की न्यूनतम पेंशन मिलेगी। भारत सरकार की अटल पेंशन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष तक की आयु वाले भारतीय नागरिक खाता खोल सकते हैं। इस योजना के तहत आपको 60 वर्ष की आयु के बाद 1000 से 5000 रुपये की न्यूनतम पेंशन प्राप्त होगी। इस स्कीम के लाभार्थी कभी भी पेंशन राशि को मासिक या डाउनलोड ग्रेड के साथ मासिक, तिमाही आधार पर या अर्ध-वार्षिक में बदल सकते हैं। 1 अक्टूबर, 2022 से भारत का कोई भी नागरिक जो टैक्सपेयर में निवेश कर रहा है या रह रहा है, वो इस स्कीम का फायदा नहीं उठाएगा।

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