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मेडिक्लेम अपडेट: अगले कुछ दिनों में 24 घंटे से कम समय के लिए स्वास्थ्य बीमा कंपनी मेडिक्लेम (मेडिक्लेम) पर भर्ती होने के दावे को खारिज नहीं किया जाएगा। जब मरीज़ अस्पताल में सर्जरी या इलाज के लिए 24 घंटे से अधिक समय तक भर्ती होती है, तो फार्मास्युटिकल बीमा कंपनियों की भर्ती होती है। लेकिन इस नियम को बदलने के पहलू हैं और इसे लेकर सरकार ने बीमा क्षेत्र के नियामक आईड्रामा (भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण) के साथ बातचीत शुरू कर दी है।

एनसीडीआरसी (राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग) के अध्यक्ष अमरेश्वर प्रसाद रॉयल ने हाल ही में मेडिक्लेम का लाभ लेने के लिए 24 घंटे अस्पताल में भर्ती होने के नियमों की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि आज के अस्थिर दौर में मेडिकल क्वांटम इतनी प्रगति हो चुकी है कि कुछ ही घंटों में इलाज और सर्जरी पूरी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे से कम समय के लिए अस्पताल में भर्ती के लिए क्लेम को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब कई तरह के नतीजे हैं जो 24 घंटे से भी कम समय में पूरे कर लिए जाते हैं ऐसे में हेल्थ केयर कंपनी की इन बातों पर ध्यान देना होगा।

उपभोक्ता मामलों के सचवन रोहित कुमार सिंह ने यह भी कहा है कि निवेशकों के हितों पर ध्यान देने के लिए IRDAI (IRDAI) और डिपार्टमेंट ऑफ रिपब्लिक (वित्तीय सेवा विभाग) के समाधान को कहा जाएगा। हाल ही में पंजाब और केरल के सामीआ कंजूमर समीशंस ने मेडिकल मेमोरियल क्लेम को लेकर हिस्टोरिक ऑर्डर दिया है। पंजाब में मैसाचुसेट्स कंज्यूमर कमीशन ने हेल्थ केयर कंपनी में गलत तरीके से 24 घंटे से अधिक समय से भर्ती के लिए डिकॉक मेडिकल क्लेम को खारिज करने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

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