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Wed. Apr 17th, 2024

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हाल ही में दिल्ली से सटे गुरुग्राम में 100 करोड़ रुपये के फ्लैट की खबर ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हर आदमी के मन में सवाल आया कि इतना महंगा फ्लैट कौन सा खरीदेगा? यह अकेला मामला तब नहीं है जब करोड़ों रुपये की कीमत के घर बेच दिए गए हों। साल 2023 में देश के सात बड़े शहरों में 58 अल्ट्रा-लग्जरी यानि आलीशान घरों की बिक्री हुई। इनमें 53 अपार्टमेंट, जबकि 5 आवास शामिल हैं। अचलों की बिक्री से 4,063 करोड़ रुपये की कमाई हुई। एक पागलपन रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

पिछले वर्ष अल्ट्रा-लग्जरी घर की बिक्री

अल्ट्रा-लग्जरी श्रेणी में उन मकानों को रखा गया है, जिनकी कीमत 40 करोड़ रुपये से अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में करीब 1,170 करोड़ रुपये के 13 अल्ट्रा-लग्गी घर खत्म हो गए। इस दौरान 10 अपार्टमेंट और 3 बैंगलॉन की बिक्री हुई थी। पिछले एक साल में ऐसे घरों की बिक्री में कीमत के मुकाबले 247 प्रतिशत का उछाल आया है। कोविड के बाद प्रॉमिस की डिजायनिट में तेजी और शेयर बाजार में उतार- इसकी मुख्य वजह है।

सबसे आगे मुंबई में गेहूं के सामान के मामले

ग्रैंड कंसल्टेंट एनारॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में इस साल सबसे ज्यादा 53 अल्ट्रा-लग्गी घरों की बिक्री हुई है। घर की कुल बिक्री अकेले मुंबई का 91 गोदाम में शामिल है। दिल्ली-एनसीआर में इस तरह कुल 4 डील्स चले गए हैं. 2 अल्ट्रा-लग्गी कारीगरों की सेल और दो बैंगलॉन की सेल दिल्ली में हुई। वहीं, हैदराबाद में 40 करोड़ रुपये से ऊपर का एक बच्चा घर गया है।

100 करोड़ से भी ज्यादा का तीन घर

साल 2023 बाइक में 58 बंगले में कम से कम 12 ऐसे हैं,प्रोग्राम कीमत 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। मुंबई में 100 करोड़ से ज्यादा के 10, जबकि दिल्ली-एनसीआर में 2 घर बाइक हैं। बाज़ार और अलीशान घर के शेयरधारक ज्यादातर बिजनेसमैन यानी बिजनेसमैन हैं। कुल डील्स में 79 प्रतिशत डील्स बिजनेसमैन, 16 प्रतिशत डील्स अलग-अलग सेक्टर के सीनियर प्रोफेशनल्स ने की। लीड्स और बॉलीवुड पोर्टफोलियो का हिस्सा 5 फीसदी रहा।

सकल घरेलू उत्पाद की बिक्री बढ़ने का कारण

एनारॉक ग्रुप के एनारॉक ग्रुप के अनुज पुरी का इस बारे में कहना है कि कोविड महामारी के बाद लग्जरी और अल्ट्रा-लग्जरी प्रॉमिस की सजावट है। अमीर लोग निवेश और निजी तौर पर इस्तेमाल किए गए दोनों लोग आलीशान घर खरीद रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव के शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का जो महत्व है, उसे देखते हुए अमीरों ने अपने निवेश पोर्टफोलियो में बदलाव किया है। इस वजह से भी थोक विक्रेताओं की डिमांड में तेजी देखी जा सकती है।

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