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Tue. Apr 16th, 2024


2023-24 की दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी डेटा: स्थिर वित्त वर्ष 2023 -24 की दूसरी तिमाही जुलाई से सितंबर (जुलाई-सितंबर) के बीच देश की अर्थव्यवस्था ने 7.6 प्रतिशत के दर से विकास किया है। इसी वित्त वर्ष की पहली अप्रैल तिमाही से जून के दौरान 7.8 फीसदी रही थी। जबकि घाटा वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत रही थी। आरबीआई ने दूसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत छात्रावास का आकलन किया था। यानी दूसरी तिमाही में आरबीआई के अनुमान से तेज गति से देश की अर्थव्यवस्था का विकास किया गया है।

41.74 लाख करोड़ रुपये की कीमत

पाठ्यक्रम एवं कार्यक्रम पोर्टफोलियो मंत्रालय (सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय) की ओर से दूसरी तिमाही (दूसरी तिमाही) के लिए पाठ्यक्रम कार्यक्रम जारी किए गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में 41.74 लाख करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 38.17 लाख करोड़ रुपये रही थी।

सेक्टर का हाल

एनएसओ की ओर से जारी आंकड़ों में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र का अनुपात 13.9 प्रतिशत रहा है, जो वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में -3.8 प्रतिशत रही थी। कृषि क्षेत्र का विकास दर दूसरी तिमाही में 1.2 प्रतिशत रही जबकि 2022-23 की दूसरी तिमाही में 2.5 प्रतिशत रही। ट्रैक्टर सेक्टर की बिक्री दर 13.3 प्रतिशत रही जबकि पिछले साल की दूसरी तिमाही में 5.7 प्रतिशत रही थी।

इसी तरह ट्रेड, होटल, बिजनेस, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग से सर्विस सर्विसेज की ग्रोथ रेट 4.3 फीसदी रही जो 2022-23 की दूसरी तिमाही में 15.6 फीसदी रही थी। नॉर्वेजियन, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल की बिक्री दर 6 प्रतिशत रही, जो साल की दूसरी तिमाही में 7.1 प्रतिशत रही। इलेक्ट्रिसिटी, गैस और पानी के फिल्टर और दूसरी यूटिलिटी का अंतिम अनुपात स्थिर वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 10.1 प्रतिशत रही है जो वर्ष समान अवधि में 6 प्रतिशत रही थी।

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