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शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह FY24: चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार को अच्छी खासी कमाई हो रही है। डायरेक्ट एक्टेक्ट के परमाणु उपकरण भी इस बात का संकेत देते हैं…

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सरकार को अगले महीने अंतरिम बजट पेश करने से पहले आज गुरुवार को शानदार खबर मिली है। चालू वित्त वर्ष में अब तक सरकार को टैक्स से लेकर तिमाही में अच्छी खासी कमाई हुई है। तिमाही आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में अब तक सरकार का डायरेक्ट टैक्स प्रभावी 19 फीसदी बढ़ा है और 14.50 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया है।

सेंट्रल डायरेक्ट कर बोर्ड यानी सीबीडीटी द्वारा जारी किए गए फ्लोरिडा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान अब तक डायरेक्ट टैक्स का कुल आंकड़ा 14.71 लाख करोड़ रुपये है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 19.55 प्रतिशत अधिक है। ग्रोस मूल के खाते से देखें तो पात्र वर्ष भर की तुलना में 24.58 प्रतिशत अधिक है।

अब तक इतना राजस्व प्राप्त हुआ

चालू वित्त वर्ष में अभी लगभग तीन महीने शेष हैं। वित्त वर्ष 2023-24 की अभी अंतिम तिमाही चल रही है। यह वित्त वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो जायेगा। अभी अंतिम तिमाही के पहले महीने के दो सप्ताह से भी कम समय हो गया है। ऐसे में चालू वित्त वर्ष के प्रमुख महीने से ज्यादा बचे हुए हैं। सीबीडीटी के अनुसार, डायरेक्ट टैक्स का अमूर्त अब तक का पात्र बजट में तय अनुमान के अनुसार 86.68 प्रतिशत के बराबर है।

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बजट में सरकार ने रखा था ये अनुमान

सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष कर का शुद्ध वास्तविक अनुमान 18.23 लाख करोड़ रुपये रखा था। यह अनुमान एक साल पहले 16.61 लाख करोड़ रुपये का कुल शुद्ध मूल्य से अधिक है।

प्रत्यक्ष कर संग्रह में व्यक्तिगत आयकर और व्यक्तिगत आयकर को जोड़ा जाता है। सीबीडीटी के आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य अवधि में समग्र आयकर का सकल मूल्यांकन आधार 19.72 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि व्यक्तिगत आयकर का सकल मूल्यांकन कर का सकल मूल्यांकन आधार 30.46 प्रतिशत बढ़ा है। ग्रोस अमूर्त में से सांख्यिकीय आंकड़ों के आधार पर नेट अमूर्त का आंकड़ा प्राप्त होता है।

इस वर्ष जारी की गई फ़ोटो

सीबीडीटी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान मुद्रांकन आंकड़ों को समायोजित करने के बाद अब तक मुद्रास्फीति कर के मूल में 18.33 फीसदी की शुद्ध बढ़ोतरी हुई है। वहीं व्यक्तिगत आयकर कर का शुद्ध वास्तविक वर्ष भर पहले की तुलना में 20.97 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस अवधि में टैक्स अप्रूवल 58.74 प्रतिशत शुल्क 2.40 लाख करोड़ रुपये है।

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