Breaking
Mon. Feb 26th, 2024


बहुआयामी गरीबी: मोदी सरकार (मोदी सरकार) के नौ साल के कार्यकाल के दौरान देश में 24.82 करोड़ लोग बहु गरीबी (बहुआयामी गरीबी) से बाहर आ गए हैं। अत्यंत गरीबी में रह रहे लोगों का हेडकाउंट अनुपात (हेडकाउंट अनुपात) 2013-14 में 29.17 प्रतिशत था 2022-23 में जनसंख्या 11.28 प्रतिशत रह गया है। नीति आयोग (नीति आयोग) ने ये डेटा जारी कर जानकारी दी है।

नीति आयोग के 2005-06 से लेकर 2022-23 के बीच सरकार की ओर से उठाये इन स्टेप्स को श्रेय दिया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2013-14 में 29.17 प्रतिशत प्रतिशत थी जो 2022-23 में 11.28 प्रतिशत रह गई यानी पिछले 9 वर्षों में 17.89 प्रतिशत की कमी आई है।

इस रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा लोगों को बहु-गरीबी से बाहर निकलने में सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश में 5.94 करोड़ लोगों की संख्या 9 है। इसके बाद बिहार का नंबर है। बिहार में 3.77 करोड़, मध्य प्रदेश में 2.30 करोड़ और राजस्थान में 1.87 करोड़ लोग बहु बेरोजगारी गरीबी से बाहर आये हैं। रिपोर्ट के अनुसार गरीब राज्यों में गरीबी रेखा के नीचे बेहद स्थिरता है, जिससे आर्थिक असमानता में कमी आई है।

नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2015-16 और 2019-21 के बीच की रेटिंग 10.66 प्रतिशत की तेज गति के साथ गरीबी से बाहर लोग सामने आए हैं। जबकि 2005-06 से लेकर 2015-16 के दौरान शुरुआती 7.69 प्रतिशत के दर की आख्यान से लोग गरीबी से बाहर निकले थे।

रिपोर्ट के अनुसार यह पाया गया कि 2013-14 और 2022-23 के दौरान सभी 12 गरीबी रेखा वाले राज्यों में गरीबी रेखा का सुधार हुआ है। सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के चलते 24.82 करोड़ लोग बहुसंख्यक बेरोजगारी से बाहर निकले हैं। इसे लेकर भारत 2030 से पहले ही सतत विकास लक्ष्य (सतत विकास लक्ष्य) के लक्ष्य को हासिल कर लेगा।

स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर में 12 संकेतकों के साथ जुड़े हुए हैं नेशनल एमपीआई (नेशनल एमपीआई) को भर्ती किया जाता है। इनमें पोषण, बाल और किशोर मृत्यु दर, मातृ स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, रसोई गैस, स्वतंत्रता, प्राथमिकता, बिजली, आवास, शिक्षा और बैंक खाते शामिल हैं। और नीति आयोग के डेटा के अनुसार सभी में सुधार देखने को मिलता है।

ये भी पढ़ें

WEF 2024: 56% प्रमुख अर्थशास्त्रियों ने कहा- 2024 में भी वैश्विक अर्थव्यवस्था रुकेगी, भारत के लक्ष्यों में दक्षिण एशिया को लेकर आएंगे

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *