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विट्टा मिनिस्ट्री के कर्मचारियों ने कल शनिवार 30 दिसंबर को सरकारी बैंकों के कार्यकलापों की समीक्षा की। उन्होंने पीएसबी प्रमुखों की बैठक के लिए सरकारी बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सरकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कई जरूरी दिशानिर्देश भी तय किए। इस दौरान साइबर और वैज्ञानिक सेक्टर के इश्तेहार से जुड़े मुद्दे सामने आए। उन सभी अस्मिताओं पर बैठक के दौरान चर्चा की गई। वित्त मंत्री ने पहले दी लोन की चमक, बड़े लोन अकाउंट के डिफॉल्ट और उनके कारण वाले असर पर भी चर्चा की।

ऐसे रूम डिफॉल्ट पर लगाम

वित्त मंत्री ने सरकारी बैंकों से कहा गया है कि वे बड़े पैमाने पर लोन अकाउंट की समीक्षा करें। अगर ऐसे लोन अकाउंट में डिफॉल्ट हो तो तत्काल लीगन एक्शन लें और अन्य यथोचित एक्शन करें। उन्होंने सरकारी बैंकों को लोन डिस्बर्स करने से पहले महान से ड्यू डिलिजेंस करने और लोन लाइट्स की जिम्मेदार विशेषता का पालन करने का भी निर्देश दिया। साइबर साइकल पर भी अहम सुझाव दिए गए हैं, ताकि घरेलू नेटवर्क सिस्टम पर किसी भी स्थिति में कोई असर न हो। वित्त मंत्री ने सरकारी बैंकों से प्रोसाइबर साइकोमैटिक्स का पालन करने को कहा।

बैठक के बाद बताया गया कि चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीने यानी अप्रैल से सितंबर 2023 के दौरान सरकारी एजेंसियों ने करीब 68,500 करोड़ रुपये का शुद्ध दावा कमाया। इससे पहले वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान बैंकों की संपत्तियों की गुणवत्ता में अच्छी प्रगति का आकलन किया गया था।

सुधारी बैंकों की संपत्तियों की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। है. मार्च 2023 तक सभी शेडयूल्ड शेय्युल्ड शेक्टिअल बैंकों का सकल एनपीए 3.9 प्रतिशत कम रहा। सितंबर 2023 तक यह और कम कमाई 3.2 प्रतिशत हो गई।

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