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2जी सेवाएं बंद करने की मांग: देश में इस समय ज्यादातर जगहों पर 4जी और 5जी चल रही हैं और ऐसे में 2जी और 3जी नेटवर्क को बंद करने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ समय पहले अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने केंद्र सरकार से गुजराती की थी कि इनसेट को बंद कर दिया जाए और सभी टेलीकॉम कंपनियों को 4जी-5जी नेटवर्क पर शिफ्ट करने की मांग की थी। इसी मांग को लेकर डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम्युनिकेशंस (DoT) की ओर से सरकार के रुख पर अपडेट आया है जिससे साफ है कि सरकार इस मामले का फैसला खुद नहीं करना चाहती है।

विचारधाराओं का निर्णय है- विचारधारा विभाग

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोटोटाइप डिपार्टमेंटल कंट्री में 2जी नेटवर्क को बंद करने के मामले में पैसिंडाजी नहीं चाहती और रिलायंस जियो की इस मांग को ठीक कर दिया है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, डीओटी का कहना है कि ये एक रेकॉर्ड डिसीजन है, जिसे टेलीकॉम दिग्गजों ने अपनाया है। विचार विभाग के एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर ईटी को बताया कि “सरकारी ऐसे मामलों में पासपोर्ट नहीं देना चाहता। विचार विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि “सरकारी मामलों में यह तय करने के लिए आजाद हैं कि उनके लिए सबसे अच्छा क्या है।”

देश में 6जी नेटवर्क के लिए चल रही संख्या

एक्सपर्ट्स वाली बात ये है कि भारत में 6जी (6जी नेटवर्क) को लेकर भी विवरण पिछले साल से ही शुरू हो चुके हैं और ऐसे में 2जी-3जी टेक्नोलॉजी को जारी रखते हुए खास बात है, इसी बात पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लेकिन ये सच है कि देश में विशाल जनसंख्या ऐसी है जो 2जी और 3जी नेटवर्क का इस्तेमाल करती है। देश में साल 1992 में 2जी नेटवर्क आया था और इसे आते हुए 32 साल हो गए हैं। भारत में लगभग 25-30 करोड़ 2G ग्राहक हैं।

कौन सा नेटवर्क कब आया

2जी – 1992
3जी – 2001
4जी – 2009
5जी – 2019

अभी देश में 2जी का हो रहा सबसे बड़ा इस्तेमाल

वर्जिनिटी का फेल है कि अगले 2-3 साल तक भारत में कम से कम मंधाना बनी रहेगी। देश में बड़ी संख्या में लोग अभी भी 2जी का इस्तेमाल करते हैं, खासकर जो लोग टेक्नोलॉजी नहीं खरीद पाते हैं तो उनके लिए 2जी-3जी नेटवर्क ही स्टार्टअप है। स्टूडियो के आंकड़ों के मुताबिक, एक साल में करीब 5 करोड़ 2जी फोन चले गए हैं।

कंपनियों पर नियुक्तियों के लिए यह निर्णय होना चाहिए- विक्रेता

रिलायंस जियो भारत में 2जी नेटवर्क को बंद करने और सभी ग्राहकों को 4जी/5जी पर शिफ्ट करने के लिए सरकार से समर्थन की मांग कर रही है। हालाँकि एक तर्क में कहा गया है कि जियो अपनी ओर से 2जी बिजनेस बंद करने की मांग करने के लिए स्वतंत्र है लेकिन बाजार की शक्तियों पर इस तरह का फैसला करना चाहिए। प्रोफ़ेसर का फ़ेल है कि Jio एक अद्वितीय स्थान पर है क्योंकि उसके पास कभी 2G नहीं था जबकि टेलीकॉम इंडस्ट्रीज़ इस टेक्नोलॉजी को लंबे समय से इंटरनेट को दे रही हैं।

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