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Wed. Jun 19th, 2024

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कर छूट के लिए जियोटैगिंग: अब जिओटैगिंग के बिना संपत्ति कर में छूट का लाभ नहीं लिया जा सकेगा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) ने यह नया नियम लागू किया है। यह नियम दिल्ली की सभी तरह की समृद्धि पर लागू होगा। जिओटैगिंग से किसी भी संपत्ति की वर्तमान स्थिति का सही पता लगाया जा सकता है। लोग अपने यूपीटीआईसी (विशिष्ट संपत्ति पहचान कोड) से संपर्क करें आसानी से किया जा सकता है।

31 जनवरी है आखिरी तारीख- एमसीडी

एमसीडी ने बताया कि यदि संपत्ति ने 31 जनवरी तक अपनी संपत्ति का जियोटैग नहीं किया है तो वह अगले वित्त वर्ष के लिए 10 प्रतिशत अग्रिम कर छूट के लिए संपत्ति का भुगतान नहीं कर पाएगा। इसलिए हम सभी से अपील करते हैं कि जल्द से जल्द अपनी संपत्ति को जिओटैग कर लें। इसे जी एमएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) ट्रेडमार्क पर महिमा का बिल्कुल सही लेटिट्यूड और लॉन्गट्यूड पता चल जाएगा।

एमसीडीई ऐप या ऑनलाइन पोर्टल की मदद

एमसीडीई ऐप या ऑनलाइन पोर्टल की मदद से यह काम आसानी से किया जा सकता है। इससे हर संपत्ति की बिल्कुल सही सुविधाएं एमसीडी के पास होंगी और वह अपनी सेवाएं बेहतर तरीके से लोगों तक पहुंचाएगी। एमसीडी के अधिकारी गैर आवासीय आवासीय परिसर की जियोटैगिंग कर रहे हैं। खजाने में इसकी ज़िम्मेदारी लोगों पर डाली गई है। यदि भव्यता जिओटैग होवाली है तो फिल्म बनाने की कोई आवश्यकता नहीं है। एमसीडी ने प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल से अभी तक अज्ञात लोगों से अपील की है कि वो अपनी संपत्ति का पंजीकरण जल्द करवा लें। अपना यूपीटेक और जिओटैग कर लें। 31 जनवरी को एमसीडी ने एक्शन फिल्म के खिलाफ समर्थकों पर टैक्स न लगाया।

जिओटैगिंग क्या है, क्यों बढ़ाया गया महत्व

किसी भी जगह, चित्र, वीडियो, वेबसाइट, पाठ संदेश या क्यूआर कोड को भौगोलिक सूचना से जोड़कर जिओटैगिंग उत्पाद है। इससे हमें पता चलता है कि यह कहां है। इसमें समय सहित अन्य जानकारियों की भी तुलना की जा सकती है। अगर किसी तस्वीर या वीडियो को जियोटैग किया जाए तो हम पता लगा सकते हैं कि वह कहां और किस समय खींची गई थी। सोशल मीडिया पर इसका इस्तेमाल काफी बढ़ाया गया है। लाभ और संयोजन के लिए भी यह बहुत महत्वपूर्ण है। इससे वह तय कर सकते हैं कि उनके किस क्षेत्र के लोगों को क्या समस्या है। इसकी मदद से वह बेहतर तरीके से तैयारी कर रहे हैं। जिओटैगिंग का उपयोग कंपनी के लिए बहुत ही अद्भुत साबित हुआ है। इससे आसानी से पता चल जाता है कि ग्राहक किन ब्रांड, आर्गन माइनिंग या ऑफर में रुचि रखते हैं। साथ ही उनकी पसंद-नापसंद भी सामने आती है।

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