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Wed. Apr 17th, 2024

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2023-24 के लिए जीडीपी डेटा: वित्त 2023-24 में देश की अर्थव्यवस्था वर्ष 7.3 प्रतिशत के दर से विकास। सेंट्रल ऑफिस (सीआरएसटीओ) ने सुपरमार्केट बिक्री का पहला अनुमान जारी किया है। सीएसओ का कहना है कि स्थिर वित्त वर्ष में देश का सकल घरेलू उत्पाद यानी 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके पहले वित्त वर्ष 2022-23 में अर्थव्यवस्था 7.2 प्रतिशत रही थी।

सेंट्रल ऑफिस ने आर्काइव के एडवांस एस्टीमेट का प्लॉट जारी करते हुए बताया कि 2023-24 में देश का आर्किटेक्चर 171.79 लाख करोड़ रुपये रह सकता है जो 2022-23 में 160.66 लाख करोड़ रुपये रह सकता है। यानी स्थिर वित्त वर्ष में 7.3 प्रतिशत की सकल देखने को मिली जो 2022-23 में 7.2 प्रतिशत देखने को मिली। डीजेएस साल के स्टॉक में स्टॉक की बिक्री की दर अधिक हो सकती है।

एक फरवरी 2024 मोदी सरकार को चुनावओं से पहले अंतरिम बजटीय प्रावधान जिसमें वोट ऑन इनकाउंटर शामिल है, जारी किया जाएगा। सरकार द्वारा अंतरिम बजट पेश करने के दौरान आधार के रूप में उपयोग की जाने वाली सहायता का उपयोग किया जाता है। कृषि क्षेत्र की स्थिर दर सरकार की चिंता को बढ़ाया जा सकता है।

ईसा पूर्व के इस आंकड़े के अनुसार 2023-24 में रेस्तरां क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे शानदार रहने वाला है। रिवाल्वर का मूल्य 10.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो क्षेत्र का अनुमान वर्ष 10 प्रतिशत रहा था। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रदर्शन भी शानदार रहने का अनुमान है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो साल 1.3 प्रतिशत रहा था। कृषि विकास दर 1.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो क्षेत्र का अनुमान वर्ष 4 प्रतिशत रहा। खनन और उत्खनन 2023-24 में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि 2022-23 में विकास दर 4.6 प्रतिशत रही। इलेक्ट्रिसिटी, गैस, वॉटर हीटर और अन्य यूटिलिटी का ग्रोथ रेट 8.3 फीसदी रहने का अनुमान है जबकि इससे पहले साल में यह 9 फीसदी रहा था।

ट्रेड होटल्स, बिजनेस ईयर, कम्यूनिकेशन, ब्रॉडकास्टिंग से जुड़े स्थिर वित्त में 6.3 प्रतिशत के हिसाब से विकास करना होगा जो 2022-23 में 14 प्रतिशत के हिसाब से विकास करना था। फाइनेंसियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल का 8.9 प्रतिशत विकास हुआ जबकि 2022-23 में 7.1 प्रतिशत विकास हुआ। पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस और दूसरे नंबर पर 7.7 फीसदी की दर से विकास होना था जबकि 2022-23 में 7.2 फीसदी की दर से विकास हो रहा था।

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