Breaking
Fri. May 24th, 2024

[ad_1]

जापान घुमंतू वीज़ा: भारत का पड़ोसी देश जापान एक नए प्रकार का जादूगर लेकर आ रहा है, जिससे 49 देशों के प्रवासी या प्रवासी भी यहां 1 करोड़ येन तक का भुगतान कर रहे हैं। जापान ने इसे डिजिटल घुमंतू स्वामी का नाम दिया है। इसके तहत 49 देशों के पर्यटन या खानाबदोशों लोग जापान में लोग कानूनी रूप से छह महीने रह सकते हैं। ये लोग कहीं भी रिमोर्ट वर्कशॉप से ​​साल भर में 10 मिलियन या 1 करोड़ जापानी येन (68,300 डॉलर) की कमाई कर सकते हैं। हालाँकि भारत-जापान की दोस्ती का दम भरने वाले इस देश के डिजिटल घुमंतू जादूगर की सूची में भारत का नाम नहीं है। ये एक इंटरव्यू वाली बात है.

Kin49 देशों को इस सूची में रखा गया है

एलिज़िबल देशों की सूची में सभी यूरोपीय संघ के देश, आर्मेनिया, वर्जीनिया, जॉर्जिया, आइसलैंड, लिकटेनस्टीन, मोल्दोवा, मोनाको, उत्तरी मैसेडोनिया, नॉर्वे, सर्बिया, सागर, तुर्की और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। हालांकि बिजनेस टुडे की खबर के मुताबिक इस लिस्ट में भारत का नाम नहीं है।

कब से शुरू होगी डिजिटल नोमेड मास्टर सेवा

ये वर्कशॉप मार्च 2024 में अंतिम रूप से उपलब्ध होने वाली है और इसके तहत 49 देशों के नागरिकों के लिए जापान में छह महीने की परमिट रिमॉर्ट वर्कशॉप भी है। यह वीज़ा उन लोगों के लिए है जो पोर्टफोलियो में 10 मिलियन येन (68,300 डॉलर) या इससे अधिक की कमाई करते हैं।

जापान टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल नबदोश वो लोग होते हैं जो दूर से काम करते हैं लेकिन केवल शॉर्ट तार या यंत्र के लिए एक ही जगह पर रहते हैं। ये लोग ‘विशिष्ट विशिष्टता’ वीज़ा श्रेणी के लिए पात्र हैं। यह सेल्फ एंप्लोइड मैमोरी पर भी लागू होता है।

भारत इस सूची से बाहर क्यों

भारत की इस सूची से बाहर है और जो 49 देश पात्र हैं, उन्होंने जापान के साथ एक कर संधि (टैक्स ट्रीटी) पर हस्ताक्षर किए हैं या जापान का दौरा करते समय उन्हें स्वामी-मुक्त किया गया है। भारत इस क्राइटेरिया को पूरा नहीं करता और संभावना यही है कि इस सूची में भारतीय नहीं हैं।

ये भी पढ़ें

शेयर बाजार में छुट्टी: मार्च में 12 दिन बंद रहेंगे शेयर बाजार, 3 छुट्टी और तीसरी ही छुट्टी

[ad_2]

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *