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Sat. Feb 24th, 2024


विश्व आर्थिक मंच: अडानी ग्रुप के गौतम अडानी (गौतम अडानी) को भारतीय होने का गौरव प्राप्त है। उन्होंने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) 2024 में कहा कि भारतीय का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। दावोस में अपने अनुभव पर उन्होंने एक लिंक्डइन पोस्ट लिखी। इसमें दिग्गज साझीदार गौतम अडानी ने अमेरिका से आए उद्योगपतियों और अधिकारियों से अपनी मुलाकात का जिक्र भी किया।

तीन सेंट्रल प्रॉजेक्ट फोरम ने भारत का प्रतिनिधित्व किया

वर्ल्ड आर्टिस्टिक प्रोजेक्ट्स की 54वीं बैठक दावोस में 15 से 19 जनवरी के बीच आयोजित की गई थी। भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (हरदीप पुरी), स्मृति ईरानी (स्मृति ईरानी) और अश्विनी वैष्णव (अश्विनी वैष्णव) ने इस कार्यक्रम में देश का प्रतिनिधित्व किया था। इस बैठक में शतरंज के दिग्गजों ने भरोसा बढ़ाया, नई तकनीक विकसित करने और दुनिया के सामने आ रही झलक के लिए रास्ता बनाने पर चर्चा की।

दावोस से सिर ऊंचा करके वापस स्वदेश विक्रय भारतीय हैं

दावोस से आने के बाद गौतम अडानी ने लिखा कि इस साल मेरे देशवासी हर बार से बड़े पैमाने पर सिर उठाकर बैठक से वापस स्वदेश वापस आ गए हैं। पूरी दुनिया इस बात को लेकर चिंतित है कि भारत की अर्थव्यवस्था 2050 से 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। इकोनोमी को लेकर इससे भी ज्यादा की उम्मीद जताई जा रही है। भारत का वर्कशॉप युवा है। आर्टिस्टिक वैज्ञानिक (एआई) को लेकर विभिन्न विद्वानों पर भी चर्चा की गई। यहां भी भारत एक मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरेगा।

भारत की सामाजिक सुधार परिभाषा पर विश्व की नजर

अडानी ग्रुप के सुपरस्टार ने लिखा कि भारत में सामाजिक सुधार तेजी से हो रहा है। पूरी दुनिया की नजर इस पर है. उन्होंने लिखा कि एक आर्कियोलॉजिस्ट ने मेरे डायरेक्ट बेनिट प्लांटर को विस्तार से जानकारी ली। इसमें नेशनल सिस्टम, आधार, फोन और 50 करोड़ बैंक मोबाइल अकाउंट पर भी चर्चा हुई है। इससे लाखों भारतीयों को लाभ मिलता है। सहकारी समितियों के यूरोप में रहने वाले लोगों को बिचौली से मुक्ति मिली है।

यूपीआई को अब कई देश स्वीकार करेंगे

लगभग एक दशक पहले लॉन्च हुए यूपीआई को अब दुनिया के कई देश स्वीकार करने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (नरेंद्र मोदी) द्वारा लॉन्च किया गया सोलर एलायंस मंच भी दासों में चर्चा का विषय रहा। इसके अलावा सौर ऊर्जा सेक्टर में 2030 तक लगभग एक ट्रिलियन डॉलर का निवेश किया गया है। साथ ही सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता 1000 गीगावाट पर उपलब्ध है। उन्होंने लिखा कि 16 सदस्यों के साथ शुरू हुए इस प्रयास में अब 117 सदस्य शामिल हो चुके हैं।

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