Breaking
Fri. Mar 1st, 2024


दिवालिया एयरलाइन: कर्ज में डूबी कंपनी गो फर्स्ट एयरलाइंस (गो फर्स्ट एयरलाइन) के लिए 31 जनवरी तक लोन वापस लेने का मौका दिया गया है। गो फर्स्ट ने पिछले साल मई में दिवालिया होने की अपील कर दी थी। कर्ज चुकाने वालों ने इसे कई बार बेचने की कोशिश की है। अब स्पाइसजेट जेट (स्पाइसजेट एयरलाइन) सहित अन्य कंपनी के इंटरेस्ट टेक के बाद एक बार फिर से पहली बार ट्रायल की कोशिश की जा रही है।

गो फर्स्ट एयरलाइन्स की संभावनाएं बढ़ीं

मामले की जानकारी रखने वाले एमआईएसईएल सेक्टर से जुड़े शेयरों ने मिंट को बताया कि वाडिया ग्रुप (वाडिया ग्रुप) के मालिकाना हक वाली गो फर्स्ट एयरलाइंस की बाइक की संभावना बढ़ गई है। इसलिए ऋण देने वाले संस्थानों ने एक और प्रयास का निर्णय लिया है। ऋण प्रदाता ने आवेदकों को आमंत्रित करने के लिए पहली बार आवेदन किया है। अगर इस बार अच्छे टेंडर आते हैं तो कर्ज़दाता इसे बेचकर अपना काफी पैसा वापस पाने की उम्मीद रखते हैं।

एयरलाइंस का भुगतान 65.21 अरब रुपये है

गो फर्स्ट की दिवालियापन फाइल के अनुसार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया), बैंक ऑफ क्रेडिट (बैंक ऑफ बड़ौदा), बीआई बैंक (आईडीबीआई बैंक) और डॉएच बैंक (डॉयचे बैंक) के खिलाफ लगभग 65.21 अरब रुपये का भुगतान किया गया है। .

स्पाइसजेट जेट में 4 ट्रैक्टर शामिल हैं

पिछले ही महीने भारतीय एयरलाइंस क्षेत्र की स्पाइस जेट ने पहली बार पहली बार जाने की इच्छा जताई थी। घटकों के अनुसार, इसके अलावा शारजाह की स्काई वन (स्काई वन), अफ्रीका की कंपनी सेफ्रिका इंवेस्टमेंट्स (सैफ्रिक इन्वेस्टमेंट्स) और अमेरिका की शिओज एविएशन (एनएस एविएशन) भी पहली बार हिस्सेदारी की इच्छा रखती हैं। हालाँकि, इन सरकारी एजेंसियों ने फ्रैंक को इस बारे में कुछ नहीं बताया है।

अग्रिम भुगतान पर भी डेडलाइन की आवश्यकता हो सकती है

एक बैंकर ने बताया कि अगर आरबीआई ने ऋणदाताओं की समिति (कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स) से 31 जनवरी तक की समय सीमा को आगे बढ़ाने की मांग की है। फर्स्ट के रेजोल्यूशन गोशन प्रोफेशनल ने भी इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

ये भी पढ़ें

भारत में टेस्ला: भारत के लिए 30 अरब डॉलर का प्लान तैयार, प्लांट और इंफ्रास्ट्रक्चर भी बनाएगा

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *