Breaking
Sat. Feb 24th, 2024


कच्चे तेल के दाम का भुगतान रुपये में करने के लिए भारत के प्रयास को खास सफलता नहीं मिल पा रही है। कच्चे तेल के विभिन्न भिन्न-भिन्न प्रकार के मूल्य निर्धारण के लिए भारत में पेट्रोल पंप लगाने की तैयारी नहीं की जा रही है। सरकार ने खुद यह बात की है कि यह संसद में वर्ष को स्वीकार करने की बात है। इसमें जानकारी दी गयी है. इसमें कहा गया है कि भारतीय बैंकों में कच्चे तेल के शेयरों से जुड़े शेयरों के प्रवाह और ट्रांजेक्शन की सीमा से जुड़ी लागत नहीं ली जानी चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान सरकारी तेल कंपनी का कच्चे तेल का आयात एक भी रुपये में नहीं हुआ।

इतना कच्चा तेल भारत को मिलता है

आम तौर पर दुनिया भर में कच्चे तेल के व्यापार के लिए अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल डिफॉल्ट केसी के रूप में किया जाता है। भारत में भी लंबे समय से कच्चे तेल के आयात का अमेरिकी डॉलर आता है। भारत को अपनी जरूरत का सबसे ज्यादा कच्चा तेल (लगभग 85 फीसदी) अन्य देशों से आयात करना है, कच्चे तेल के आयात का बिल विदेशी मुद्रा भंडार पर बड़ा असर दिखाता है। यही कारण है कि सरकार कच्चे तेल के हिस्से का भुगतान रुपये में सेटल करने की दिशा में प्रयास कर रही थी।

टेल के मामले में नहीं मिली सफलता

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इसे जारी किया है दिशा में जुलाई 2022 में सबसे पहले की थी, जब उसने शेयरों को करोड़ों रुपये में भुगतान करना और कलाकारों को रुपये में भुगतान लेना की अनुमति दी थी। यह भारत सरकार के द्वारा भारतीय सी के अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की दिशा में जा रहे प्रयास का हिस्सा था। इस दिशा में तेल के मामले में दूसरे व्यापार में सफलता नहीं मिली, लेकिन तेल के मामले में सफलता नहीं मिली।

मंत्रालय ने समिति को बताई ये बात

रिपोर्ट मंत्रालय की समिति के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सरकारी तेल कंपनी द्वारा कच्चे तेल का आयात भारतीय रुपये में नहीं किया जाएगा। संयुक्त अरब अमीरात के एडीएन सोसाइटी में रॉ ऑयल के प्लांट को लेकर इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि भारतीय रुपयों में पेट्रोलिंग लेने के बाद वे अपनी पसंद के फंड में फंड को कन्वर्ट में स्थापित कर सकते हैं। इसके अलावा उन्हें डिजिटल मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण ट्रांजेक्शन की कीमत बढ़ने का डर भी बना हुआ है।

ये भी पढ़ें: खाली हाथ बैठे हैं इन दिग्गज स्टॉक के जांचकर्ता, समुद्र तट से नहीं मिला कोई रिटर्न!

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *