Breaking
Tue. Apr 23rd, 2024

[ad_1]

आरबीआई एमपीसी बैठक: भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनिटरी शेयरिंग कमेटी की बैठक 6 दिसंबर से शुरू हो रही है। 8 दिसंबर 2023 को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास एमपीसी की बैठक में आयोजित की गई घोषणा में कहा गया है कि हर किसी की नजर होगी कि रिजर्व बैंक के गवर्नर क्या फैसला लेंगे। इस बीच सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रिजर्व बैंक 2024-25 की दूसरी तिमाही से पहले आपके अंतिम तिमाही के रेट में कोई कटौती नहीं है जो 6.5 फीसदी पर है।

कंपनी के प्रमुख एसोसिएटेड शेयरधारकों सौम्या कांति घोष ने यह रिपोर्ट तैयार की है जिसमें कहा गया है कि 8 दिसंबर, 2023 को रिजर्व बैंक रेटिंग में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 6.50 प्रतिशत पर रेपो रेट स्थिर बना रहेगा और जून 2024 से पहले इसमें कोई बदलाव का असर नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023-24 में फसल दर 5 फीसदी से नीचे आने की संभावना बहुत कम है। ऐसे में रिजर्व बैंक अपने रुख में कोई बदलाव नहीं करेगा.

आगामी मई 2022 के बाद छह एमपीसी बैठकों में आरक्षण ने खुदरा दर में तेजी से वृद्धि कर दी। अनुपात दर को 4 प्रतिशत से 6.50 प्रतिशत कर दिया गया। जिसमें होम लोन सहित हर प्रकार का कर्ज़ भी शामिल है महंगा हो गया है। तो पुराने दुकानदारों की पुतली बिखर गई।

वित्त वर्ष 2023-24 में अब तक चार एमपीसी बैठकों में बजट दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं खाद्य पदार्थ और गैस के उत्पादों की बिक्री में गिरावट अक्टूबर 2023 में कंजूमर विक्रेताओं की बिक्री 4.87 प्रतिशत रही जो जुलाई में 15 महीने की उच्चतम 7.44 प्रतिशत पर थी। आरबीआई ने 2023-24 में 5.4 फीसदी रिटेल रिटेल रेट रहने का अनुमान लगाया है। जिसमें तीसरी तिमाही में 5.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में जनवरी से मार्च के दौरान 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

ये भी पढ़ें

2000 रुपए के नोट: सात साल में 2000 के नोट वापस लिए गए, 17,688 करोड़ रुपए खर्च हुए

[ad_2]

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *