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Fri. Mar 1st, 2024


इंफोसिस बनाम कॉग्निजेंट: देश की शीर्ष आईटी कंपनियों के बीच जंग तेजी से बढ़ी है। हाल ही में खबर आई थी कि विप्रो (विप्रो) ने कॉग्निजेंट (कॉग्निजेंट) को खत्म करने वाले दो अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब कॉग्निजेंट के सामने नया ट्रबल स्टैक हो गया है। इस आईटी कंपनी पर एक और दिग्गज इंफोसिस (इन्फोसिस) ने भी ऐसे आरोप लगाए हैं। इंफोसिस का दावा है कि कॉग्निजेंट कर्मचारियों को तोड़ने के लिए पैमाने की रणनीति (अनुचित व्यवहार) का इस्तेमाल किया जा रहा है। इंफोसिस ने इस संबंध में कॉग्निजेंट को पत्र भी भेजे हैं।

इन्फोसिस ने यह आरोप लगाया

मनी कंट्रोलर की रिपोर्ट के मुताबिक, इंफोसिस ने नेसडेक (NASDAQ) में लिस्टेड कॉग्निजेंट पर आरोप लगाया है कि वह गलती से अपने कर्मचारियों से अपने साथ जुड़ रही है। इन्फोसिस ने इस संबंध में कॉग्निजेंट को लिखित में यह याचिका दायर की है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, दोनों कंपनियों के बीच कोई समझौता नहीं है। मगर इस लिखित याचिका में कैंसर की तरफ से भारी चेतावनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। हाल ही में इंफोसिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारी संज्ञान में आए हैं।

कॉग्निजेंट कॉन्स्टेंट ब्रेक राई इंफोसिस के बड़े अधिकारी

इंफेक्शन कैंसर ठीक इसी साल जनवरी में कॉग्निजेंट के सीईओ बने रवि कुमार 20 साल से ज्यादा उम्र के एक्जीक्युटिव वाइस प्रेसिडेंट और चार सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बने हैं। इनमें से कई विप्रो और इंफेक्शन से पीड़ित हैं। इंफोसिस के अनुराग वर्धन सिन्हा, नागेश्वर चेरुकुपल्ली, नरसिम्हा राव मानेपल्ली और श्वेता अरोड़ा जैसे बड़े आश्रम को कॉग्निजेंट ने नौकरी दी है। इनमें से दो लोग तो कॉग्निजेंट मर्ज भी कर चुके हैं। बाकियों का प्लान इस सख्त पत्र के बाद खटाई में पड़ सकता है।

विप्रो ने अपने दो अधिकारियों को बुलाया केस

विप्रो ने तो कॉग्निजेंट शेयरिंग करने वाले मोहम्मद हक (मोहम्मद हक) और जतिन स्टूडियो (जतिन दलाल) पर अमेरिका और भारत में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। विप्रो ने पूर्व सीएफओ जतिन स्टाट्स के खिलाफ एक अदालत में केस दर्ज किया है। पूर्व सीएफओ ने कोर्ट में वैलीज़ की अपील की है। इसके अलावा कंपनी ने मोहम्मद हक पर गोपनीय दस्तावेज चुराने के आरोप में कार्रवाई की है।

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