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Wed. Apr 17th, 2024

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बैंक धोखाधड़ी पर आरबीआई रिपोर्ट: देश में बैंक धोखाधड़ी के मामले तीन गुना तक बढ़ गए हैं। बैंक धोखाधड़ी का सबसे बड़ा शिकार प्राइवेट बैंक हो रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की जारी रिपोर्ट से इन आंकड़ों का खुलासा हुआ है। हालाँकि, राहत की बात यह है कि धोखाधड़ी के मामले बढ़ने के बावजूद नकदी में कमी आई है।

धोखाधड़ी के 14,483 मामले सामने आये

आरबीआई के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में बैंक धोखाधड़ी के मामलों की संख्या 14,483 हो गई। मगर, इन धोखाधड़ी में पिछले साल की तुलना में राशि सिर्फ 14.9 फीसदी रही है। आरबीआई द्वारा ‘भारत में बैंकों की रुझान और प्रगति 2022-23’ की रिपोर्ट रविवार को जारी की गई। इसमें कहा गया है कि साइबर फ्रॉड एवं डेटा में सेंध के खतरों से बचाव के लिए नेटवर्क और बैलेंस सिस्टम बहुत जरूरी है।

5,396 मामलों में 17,685 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई

रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली राजधानी (अप्रैल-सितंबर) में 2,642 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के कुल 14,483 मामले सामने आये। एक साल पहले इसी अवधि में फ्रॉड के 5,396 मामले सामने आए थे। इनमें 17,685 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।

फ्रॉड से गिरती है बैंकों की साख

रिज़र्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, धोखाधड़ी से बैंकों की प्रतिष्ठा और कार्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसी तरह के एमबीए सिस्टम में वैश्विन का भरोसा भी कम होता है। विश्व के समुद्र तटों की साख गिरती है। वित्त वर्ष 2022-23 में बैंकों में धोखाधड़ी के कुल मामले 6 साल के बजट स्तर पर दिए गए हैं। साथ ही फ्रॉड में औसत राशि भी एक दशक में सबसे कम है।

इंटरनेट फ्रॉड का मामला तेजी से बढ़ रहा है

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष में कार्ड और इंटरनेट फ्रॉड बेचे गए हैं। नई तकनीक के आने से साइबर हमले, डेटा से छेड़छाड़ और ऑब्जेक्टिव ऑब्जेक्ट होने का खतरा भी बढ़ गया है। नई कंपनियों और साइबर फ़्रॉड को बेहतर ढंग से पहचानने के लिए बैंकों को ख़तरनाक दूर करने के लिए बदलाव करने होंगे। बैंक सिस्टम मजबूत और सुरक्षित ही इन इंस्टालेशन से रिजर्वेशन किया जा सकता है।

अपार्टमेंट का इस्तेमाल समर्थन बैंक रोक रहे फ्रॉड

बैंक भी आर्टिफिशियल ब्यूरो (मकान) का फ़ायदा उठा रहे हैं। उद्यमों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बैंकों ने चैटबोट या ‘वर्चुअल अनाउंसमेंट’ पर भी जोर दिया है। रिपोर्ट में यह उम्मीद जताई गई है कि होटल सिस्टम में बड़े बदलाव आएंगे। यह फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर को बर्बाद कर देगा।

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